- 12-04-2026 06:00 pm to 12-04-2026 09:00 pm
- आभासीय संगोष्ठी कोलकाता
डेटा का जातिवाद: डिजिटल इंडिया में अदृश्य भेदभाव
शब्दभूमि प्रकाशन द्वारा दिनांक 12 अप्रैल को B. R. Ambedkar जयंती के उपलक्ष्य में
एक समकालीन और विचारोत्तेजक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है, जिसका विषय है - डेटा का जातिवाद:
डिजिटल इंडिया में अदृश्य भेदभाव
डिजिटल इंडिया के
इस युग में जहाँ तकनीक को समानता और अवसर का माध्यम माना जाता है, वहीं एक गंभीर प्रश्न उभरता है - क्या
डेटा और एल्गोरिद्म वास्तव में निष्पक्ष हैं, या वे समाज में पहले से मौजूद असमानताओं को और अधिक गहरा कर
रहे हैं?
यह संगोष्ठी इसी
जटिल प्रश्न की पड़ताल करेगी कि
- क्या Artificial Intelligence और डिजिटल
प्लेटफॉर्म जाति, वर्ग और
लैंगिक असमानताओं को अनजाने में पुनरुत्पादित कर रहे हैं?
- क्या डेटा की
संरचना और संग्रहण सामाजिक पूर्वाग्रहों से प्रभावित है?
- और क्या
डिजिटल युग में ‘समानता’ केवल एक तकनीकी मिथक बनती जा रही है?
B. R. Ambedkar ने जिस सामाजिक न्याय और समानता की कल्पना की थी, क्या वह डिजिटल युग में नए रूप में
चुनौती का सामना कर रही है?
यह संगोष्ठी Ambedkar के विचारों को 21वीं सदी के तकनीकी परिदृश्य में पुनर्पाठ
करने का प्रयास है।
🎯 संगोष्ठी के उद्देश्य
- डिजिटल तकनीक
में छिपे अदृश्य
भेदभाव को पहचानना
- डेटा और
एल्गोरिद्म की सामाजिक संरचना को समझना
- Ambedkar के सामाजिक
न्याय के सिद्धांतों को डिजिटल संदर्भ में पुनर्परिभाषित करना
- एक अधिक समावेशी और
न्यायपूर्ण डिजिटल भविष्य की दिशा में संवाद स्थापित करना
🌐 कौन भाग ले सकते हैं?
शोधार्थी, विधि के विद्यार्थी, तकनीकी विशेषज्ञ, सामाजिक विज्ञान के विद्वान, पत्रकार एवं सभी जागरूक नागरिक
✨ यह संगोष्ठी केवल
तकनीक पर चर्चा नहीं, बल्कि सत्ता, समाज और समानता के बदलते स्वरूप को समझने का एक
गंभीर प्रयास है,जहाँ डेटा भी एक नई “सामाजिक शक्ति” बनकर उभर रहा है।