• 04-04-2026 06:00 pm to 04-04-2026 09:00 pm
  • आभासीय संगोष्ठी कोलकाता

माखनलाल चतुर्वेदी और 'नैतिक प्रतिरोध' की पत्रकारिता

शब्दभूमि प्रकाशन  द्वारा दिनांक 04 अप्रैल 2026 को महाकवि माखनलाल चतुर्वेदी की 137वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है, जिसका विषय है -

‘माखनलाल चतुर्वेदी और नैतिक प्रतिरोधकी पत्रकारिता’

माखनलाल चतुर्वेदी केवल एक कवि ही नहीं, बल्कि ऐसे निर्भीक पत्रकार थे जिनकी लेखनी औपनिवेशिक सत्ता के विरुद्ध नैतिक साहस और जनचेतना का प्रतीक बनी। उनकी पत्रकारिता में सत्य के प्रति अडिग प्रतिबद्धता, अन्याय के विरुद्ध प्रतिरोध और राष्ट्र तथा समाज के प्रति गहरी संवेदनशीलता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।

आज के समय में, जब मीडिया पर निष्पक्षता, नैतिकता और स्वतंत्रता को लेकर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं, चतुर्वेदी की पत्रकारिता हमें यह सोचने के लिए प्रेरित करती है कि क्या आज की पत्रकारिता सत्ता का प्रतिबिंब बन गई है, या अब भी वह समाज की अंतरात्मा की आवाज़ बन सकती है?

यह संगोष्ठी चतुर्वेदी के लेखन और पत्रकारिता के माध्यम से ‘नैतिक प्रतिरोध’  की उस परंपरा को पुनर्स्मरण और पुनर्परिभाषित करने का प्रयास है, जो पत्रकारिता को केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि सत्य और न्याय के पक्ष में खड़े होने का साहस प्रदान करती है।

🎯 संगोष्ठी के प्रमुख प्रश्न

  • माखनलाल चतुर्वेदी की पत्रकारिता में नैतिक प्रतिरोधकी अवधारणा क्या थी?
  • क्या आज की पत्रकारिता में वैसा ही साहस और वैचारिक प्रतिबद्धता दिखाई देती है?
  • डिजिटल और कॉर्पोरेट युग में पत्रकारिता की नैतिक सीमाएँ और संभावनाएँ क्या हैं?

📌 कार्यक्रम विवरण

·         आयोजक: शब्दभूमि प्रकाशन

·         दिनांक: 04 अप्रैल 2026 (विश्व स्वास्थ्य दिवस)

·         समय: सायं बजे

·         माध्यम: Zoom (ऑनलाइन)

📝 पंजीकरण एवं सहभागिता

कृपया इस फॉर्म को सावधानीपूर्वक भरें। पंजीकरण के उपरांत Zoom लिंक कार्यक्रम से 24 घंटे पूर्व आपके ईमेल पर भेज दिया जाएगा।

यदि आप इस संगोष्ठी में अपना शोध आलेख/शोधपत्र प्रस्तुत करना चाहते हैंतो निर्धारित पंजीकरण शुल्क का भुगतान अनिवार्य है।

·         पंजीकरण शुल्क: ₹200/- (केवल दो सौ रुपये मात्र)

·         भुगतान: UPI / QR Code के माध्यम से

🎓 प्रमाणपत्र

·         शुल्क भुगतान करने वाले पंजीकृत शोधपत्र वाचनकर्ताओं को कार्यक्रम की तिथि से दिनों के भीतर उनके ईमेल पर एक विशेष प्रमाणपत्र भेजा जाएगा।

·         प्रमाणपत्र में शोधपत्र का शीर्षक अंकित रहेगा तथा उसमें कहीं भी ऑनलाइन शब्द का उल्लेख नहीं होगा।

 प्रस्तुति समय

प्रत्येक शोधपत्र वाचनकर्ता को मिनट का समय प्रदान किया जाएगा।

महत्वपूर्ण सूचना

पंजीकरण के उपरांत कृपया निम्न व्हाट्सएप समूह से अवश्य जुड़ेंक्योंकि संगोष्ठी से संबंधित सभी महत्वपूर्ण सूचनाएँ यहीं साझा की जाएँगी: https://chat.whatsapp.com/L0jYFfzHyxiGIJeH8qvXJZ?mode=hqctswa

यह संगोष्ठी केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य की पत्रकारिता के लिए एक नैतिक दिशा-सूचक है जहाँ कलम केवल लिखती नहीं, बल्कि प्रतिरोध करती है, सवाल उठाती है और समाज को जगाती है