• 26-03-2026 06:00 pm to 26-03-2026 09:00 pm
  • आभासीय संगोष्ठी कोलकाता

राम से राष्ट्र की संकल्पनाः समकालीन परिप्रेक्ष्य में एक चिंतन

शब्दभूमि प्रकाशन द्वारा दिनांक 26 मार्च 2026 (गुरुवार) को सायं 6 बजे रामनवमी के पावन अवसर पर एक राष्ट्रीय आभासी संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है, जिसका विषय है - ‘राम से राष्ट्र की संकल्पना: समकालीन परिप्रेक्ष्य में एक चिंतन’ भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में भगवान राम केवल एक धार्मिक आस्था के प्रतीक नहीं, बल्कि मर्यादा, न्याय, करुणा और आदर्श शासन व्यवस्था के प्रतिनिधि माने जाते हैं। रामराज्य की अवधारणा एक ऐसे राष्ट्र की कल्पना प्रस्तुत करती है, जहाँ प्रत्येक नागरिक को समान सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि प्राप्त हो। वर्तमान समय में, जब राष्ट्र, शासन और नागरिकता की अवधारणाओं पर व्यापक बहस चल रही है, यह विषय अत्यंत प्रासंगिक हो उठता है कि क्या राम के आदर्शों को आधुनिक लोकतांत्रिक राष्ट्र-निर्माण के संदर्भ में पुनर्परिभाषित किया जा सकता है? यह संगोष्ठी इसी प्रश्न के विभिन्न आयामों पर विचार करेगी जहाँ धर्म, दर्शन, राजनीति और समाज के बीच एक संतुलित संवाद स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। 🎯 संगोष्ठी के प्रमुख बिंदु • राम के जीवन में निहित नैतिक और सामाजिक आदर्श • रामराज्य की अवधारणा और उसका आधुनिक संदर्भ • राष्ट्र-निर्माण में सांस्कृतिक मूल्यों की भूमिका • समकालीन समाज में आदर्श शासन की संभावनाएँ 🎯 संगोष्ठी के उद्देश्य • राम के आदर्शों को समकालीन परिप्रेक्ष्य में समझना • सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों के आधार पर राष्ट्र की अवधारणा पर विमर्श करना • समाज में समरसता, न्याय और उत्तरदायित्व की भावना को प्रोत्साहित करना • परंपरा और आधुनिकता के बीच संवाद स्थापित करना 🌐 कार्यक्रम विवरण • आयोजक: शब्दभूमि प्रकाशन • दिनांक: 26 मार्च 2026 • दिन: गुरुवार • समय: सायं 6 बजे • माध्यम: Zoom (आभासी संगोष्ठी) ✨ यह संगोष्ठी केवल धार्मिक आस्था का उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्र, समाज और नैतिकता के गहरे संबंधों को समझने का एक चिंतनशील प्रयास है, जहाँ राम केवल एक आदर्श नहीं, बल्कि एक दिशा बन जाते हैं।