CHAMPOO KOI BYAAN NAHI DEGA

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₹240

₹290 17% OFF
  • Format: Paper Back
  • Publish Years: 2026
  • Total page: 216
  • Language: HINDI

"चम्पू कोई बयान नहीं देगा" सुप्रसिद्ध हास्य-व्यंग्यकार, कवि और साहित्यकार अशोक चक्रधर की एक अत्यंत रोचक, चुटीली और विचारोत्तेजक व्यंग्य-कृति है। यह पुस्तक समकालीन भारतीय समाज, राजनीति, मीडिया और जनजीवन की विसंगतियों पर तीक्ष्ण दृष्टि डालते हुए पाठक को हँसने के साथ-साथ गंभीर चिंतन के लिए भी प्रेरित करती है।

इस पुस्तक का केंद्रीय पात्र 'चम्पू' है, जो आम आदमी का प्रतिनिधि बनकर हमारे समय के प्रश्नों, विरोधाभासों और सामाजिक विडंबनाओं से जूझता दिखाई देता है। वह कभी बोलता है, कभी चुप रहना चाहता है, लेकिन उसके आसपास की परिस्थितियाँ उसे लगातार संवाद और प्रतिक्रिया के लिए विवश करती रहती हैं। चम्पू की दृष्टि से लेखक ने समाज के बदलते चरित्र, राजनीतिक बयानबाज़ी, सार्वजनिक जीवन की कृत्रिमता और मानवीय संबंधों की जटिलताओं को व्यंग्यात्मक अंदाज़ में प्रस्तुत किया है।

पुस्तक में 'चचा' और 'चम्पू' के बीच होने वाले संवाद विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। इन संवादों में हास्य के भीतर गहरी सामाजिक टिप्पणी छिपी हुई है। लेखक यह संकेत करते हैं कि कई बार मौन भी एक प्रभावशाली वक्तव्य होता है, लेकिन ऐसी दुनिया में जहाँ हर किसी से बयान की अपेक्षा की जाती हो, वहाँ चुप रह पाना भी आसान नहीं होता।

अशोक चक्रधर की भाषा सहज, बोलचाल की, विनोदी और अत्यंत प्रभावशाली है। वे तीखे व्यंग्य को भी इस तरह प्रस्तुत करते हैं कि पाठक मुस्कुराते हुए अपने समय की सच्चाइयों से रूबरू होता है। यही उनकी रचनाशीलता की सबसे बड़ी विशेषता है।

"मौन भी कई बार संवाद में एक बड़ी भूमिका अदा करता है, लेकिन जीवन की बग़ीची कहाँ किसी को अधिक देर चुप रहने देती है।"

"चम्पू कोई बयान नहीं देगा" केवल हास्य-व्यंग्य का संग्रह नहीं, बल्कि हमारे समय का सामाजिक दस्तावेज़ है, जो पाठकों को यह सोचने के लिए विवश करता है कि शोर और बयानबाज़ी के इस दौर में सच, संवेदना और विवेक की आवाज़ कहाँ खड़ी है।

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