POLICE NAKE PAR BHAGWAN

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  • Format: Hard Back
  • Publish Years: 2026
  • Total page: 177
  • Language: HINDI

पुलिस नाके पर भगवान' सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार अशोक गौतम का एक धारदार और मनोरंजक व्यंग्य-संग्रह है, जिसमें हमारे समय की सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक विसंगतियों पर तीखा लेकिन हास्यपूर्ण प्रहार किया गया है। लेखक अपनी विशिष्ट व्यंग्यात्मक शैली में व्यवस्था की विडंबनाओं, आम आदमी की बेबसी और बदलते सामाजिक मूल्यों को उजागर करते हैं।

इस संग्रह की रचनाएँ पाठक को हँसाती भी हैं और सोचने पर मजबूर भी करती हैं। कभी पुलिस व्यवस्था के बहाने सत्ता-संरचना पर कटाक्ष किया गया है, तो कभी आम जनजीवन की छोटी-छोटी घटनाओं के माध्यम से बड़े सामाजिक सच सामने आते हैं। अशोक गौतम की भाषा सहज, चुटीली और संवादधर्मी है, जिससे पाठक शुरू से अंत तक जुड़ा रहता है।

'पुलिस नाके पर भगवान' केवल हास्य-व्यंग्य का संग्रह नहीं, बल्कि हमारे समय का सामाजिक दस्तावेज़ भी है। यह पुस्तक बताती है कि व्यंग्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को आईना दिखाने की एक सशक्त साहित्यिक विधा भी है।

यह कृति उन पाठकों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है जो हिंदी व्यंग्य साहित्य, समकालीन सामाजिक आलोचना और हास्य-प्रधान रचनाओं का आनंद लेते हैं।

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