"भारतीय आस्था के प्रतीक" भारतीय संस्कृति, धर्म और सभ्यता के उन पवित्र प्रतीकों का परिचय कराने वाली एक महत्वपूर्ण पुस्तक है, जो सदियों से भारतीय जनमानस की श्रद्धा और आस्था के केंद्र रहे हैं। लेखक सुदर्शन भाटिया ने इस कृति में भारत की धार्मिक परंपराओं, सांस्कृतिक प्रतीकों और आध्यात्मिक धरोहरों का सरल एवं रोचक वर्णन प्रस्तुत किया है। यह पुस्तक पुस्तकालय सूचियों और प्रकाशन अभिलेखों में सुदर्शन भाटिया की प्रमुख सांस्कृतिक कृतियों में दर्ज है।
पुस्तक में भारतीय जीवन में विशेष महत्व रखने वाले विभिन्न धार्मिक प्रतीकों, तीर्थस्थलों, नदियों, पर्वों, देवस्थानों तथा सांस्कृतिक मान्यताओं की चर्चा की गई है। लेखक यह स्पष्ट करते हैं कि भारतीय आस्था केवल पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जीवन से भी गहराई से जुड़ी हुई है। भारतीय परंपरा में गंगा, यमुना, पर्वत, वृक्ष, तीर्थ और धार्मिक चिह्नों को जो सम्मान प्राप्त है, उसका सांस्कृतिक और ऐतिहासिक आधार भी पुस्तक में समझाया गया है।
सुदर्शन भाटिया की भाषा सरल, तथ्यपरक और जनसामान्य के लिए सुबोध है। पुस्तक पाठकों को भारतीय संस्कृति की जड़ों से जोड़ते हुए यह समझने में सहायता करती है कि आस्था के प्रतीक केवल धार्मिक महत्व ही नहीं रखते, बल्कि वे राष्ट्रीय पहचान और सांस्कृतिक एकता के भी वाहक हैं।
Your cart is empty!