"एमिली और सुभाष: एक सच्ची प्रेम कथा" भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाषचंद्र बोस के जीवन के उस अनछुए और कम चर्चित अध्याय को सामने लाती है, जिसके केंद्र में है उनका गहरा और आत्मीय संबंध एमिली शेंकल के साथ। यह पुस्तक इतिहास, प्रेम और मानवीय संवेदनाओं का ऐसा दुर्लभ संगम है, जो पाठकों को नेताजी के व्यक्तित्व के एक नए आयाम से परिचित कराता है।
नेताजी और एमिली की पहली मुलाक़ात जून 1934 में वियना में हुई थी। समय के साथ यह परिचय गहरे प्रेम में बदल गया और दोनों ने दिसंबर 1937 में ऑस्ट्रिया के बादगास्टाइन में गुप्त रूप से विवाह किया। स्वतंत्रता संग्राम की परिस्थितियों ने उन्हें अधिक समय साथ रहने का अवसर नहीं दिया, लेकिन पत्रों के माध्यम से उनका संवाद लगातार बना रहा। उनकी अंतिम मुलाक़ात फरवरी 1943 में हुई, जब उनकी पुत्री अनिता बोस फाफ़ का जन्म हो चुका था।
लेखिका कृष्णा बोस, जो नेताजी के भतीजे शिशिर कुमार बोस की पत्नी थीं, ने एमिली शेंकल से व्यक्तिगत रूप से वर्षों तक संपर्क बनाए रखा। इसी कारण यह पुस्तक केवल ऐतिहासिक तथ्यों का संकलन नहीं, बल्कि आत्मीय स्मृतियों और विश्वसनीय दस्तावेज़ों पर आधारित एक प्रामाणिक कृति बन जाती है। संग्रहालयों और पारिवारिक एलबमों से लिए गए 40 से अधिक दुर्लभ चित्र इस पुस्तक को और भी मूल्यवान बनाते हैं।
यह पुस्तक प्रेम, त्याग, प्रतीक्षा और राष्ट्रभक्ति की ऐसी कहानी है, जो बताती है कि इतिहास के महानायक भी गहरे मानवीय रिश्तों से जुड़े होते हैं।
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