"राजा राममोहन राय" प्रसिद्ध लेखक तेजपाल धामा द्वारा लिखित एक प्रेरक जीवनी है, जो भारत के महान समाज सुधारक, शिक्षाविद् और आधुनिक भारत के अग्रदूत राजा राममोहन राय के जीवन और कार्यों को सरल एवं रोचक शैली में प्रस्तुत करती है।
राजा राममोहन राय को "आधुनिक भारत का जनक" कहा जाता है। उन्होंने ऐसे समय में सामाजिक सुधारों की अलख जगाई, जब भारतीय समाज अनेक कुरीतियों से जकड़ा हुआ था। इस पुस्तक में उनके जीवन-संघर्ष, सामाजिक चेतना और सुधारवादी प्रयासों का विस्तृत वर्णन किया गया है। विशेष रूप से सती प्रथा के उन्मूलन, स्त्री शिक्षा के समर्थन, विधवा अधिकारों की वकालत, धार्मिक सहिष्णुता और ब्रह्म समाज की स्थापना जैसे ऐतिहासिक कार्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
लेखक तेजपाल धामा ने राजा राममोहन राय के व्यक्तित्व को केवल एक समाज सुधारक के रूप में नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी चिंतक, पत्रकार और मानवतावादी के रूप में भी चित्रित किया है। उनकी तार्किक सोच, आधुनिक शिक्षा के प्रति आग्रह और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता आज भी उतनी ही प्रासंगिक है।
यह पुस्तक विशेष रूप से बच्चों, किशोरों, विद्यार्थियों और उन पाठकों के लिए उपयोगी है जो भारतीय समाज सुधार आंदोलनों और महान विभूतियों के जीवन से प्रेरणा प्राप्त करना चाहते हैं।
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