SARISKA BAGH SANRAKSHIT KSHETRA MEIN PHIR SE GUNJI DAHAD

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  • Format: Hard Back
  • Publish Years: 2026
  • Total page: 240
  • Language: HINDI

"सरिस्का : बाघ संरक्षित क्षेत्र में फिर से गूँजी दहाड़" भारत के प्रसिद्ध सरिस्का टाइगर रिज़र्व की रोमांचक और प्रेरणादायक संरक्षण-गाथा पर आधारित एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक है। यह पुस्तक उस ऐतिहासिक प्रयास का दस्तावेज़ है, जिसके माध्यम से राजस्थान के सरिस्का अभयारण्य में विलुप्त हो चुके बाघों को पुनः बसाया गया और जंगलों में एक बार फिर उनकी दहाड़ सुनाई देने लगी।

लेखक सुनयन शर्मा ने इस पुस्तक में सरिस्का के इतिहास, वन्यजीव संरक्षण की चुनौतियों, बाघों के लुप्त होने के कारणों तथा उनके सफल पुनर्वास अभियान का विस्तृत वर्णन किया है। पुस्तक बताती है कि किस प्रकार वैज्ञानिक योजना, वन विभाग के प्रयासों और संरक्षणवादियों की प्रतिबद्धता ने सरिस्का को पुनर्जीवित किया।

इस पुस्तक में केवल बाघों की कहानी ही नहीं, बल्कि अरावली क्षेत्र की जैव-विविधता, स्थानीय समुदायों की भूमिका, वन्यजीव प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के व्यापक पहलुओं पर भी प्रकाश डाला गया है। दुर्लभ चित्रों और रोचक विवरणों के माध्यम से पाठक सरिस्का के प्राकृतिक सौंदर्य और संरक्षण यात्रा से परिचित होते हैं।

वन्यजीव, पर्यावरण, जैव-विविधता और संरक्षण अध्ययन में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए यह पुस्तक एक महत्त्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ है।

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