"अनुवाद कला : सिद्धांत और प्रयोग" हिन्दी अनुवाद अध्ययन के क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण और बहुप्रशंसित पुस्तक है। इस पुस्तक में डॉ. कैलाश चन्द्र भाटिया ने अनुवाद के सैद्धांतिक आधारों तथा उसके व्यावहारिक प्रयोगों का विस्तृत और व्यवस्थित विवेचन किया है। यह कृति अनुवाद को केवल भाषा-परिवर्तन की प्रक्रिया न मानकर एक सृजनात्मक, सांस्कृतिक और बौद्धिक कार्य के रूप में स्थापित करती है।
पुस्तक में अनुवाद की अवधारणा, स्वरूप, प्रकार, सिद्धांत, भाषिक समस्याएँ, सांस्कृतिक संदर्भ, शैलीगत चुनौतियाँ तथा अनुवाद की गुणवत्ता के मानकों पर विस्तार से चर्चा की गई है। लेखक ने साहित्यिक, प्रशासनिक, तकनीकी और व्यावहारिक अनुवाद के अनेक उदाहरणों के माध्यम से विषय को सरल और उपयोगी बनाया है।
यह पुस्तक हिन्दी, भाषाविज्ञान, अनुवाद अध्ययन तथा शोध कार्य से जुड़े विद्यार्थियों, अध्यापकों, शोधार्थियों और अनुवादकों के लिए एक उपयोगी संदर्भ ग्रंथ है। अनुवाद की कला और विज्ञान दोनों को समझने के लिए यह पुस्तक अत्यंत सहायक सिद्ध होती है।
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