MAHAVIDYALAYA

(0 Customer Reviews)

₹240

₹299 20% OFF
  • Format: Paper Back
  • Publish Years: 2026
  • Total page: 112
  • Language: HINDI

"महाविद्यालय" हिंदी के ज्ञानपीठ सम्मानित साहित्यकार Vinod Kumar Shukla का अत्यंत महत्वपूर्ण कहानी-संग्रह है। इस संग्रह में विनोद कुमार शुक्ल की प्रतिनिधि कहानियाँ संकलित हैं, जिनमें साधारण मनुष्यों का जीवन, उनकी स्मृतियाँ, संघर्ष, सपने, प्रेम, प्रकृति और बदलते समाज की विडंबनाएँ अत्यंत सूक्ष्म संवेदना के साथ अभिव्यक्त हुई हैं।

विनोद कुमार शुक्ल की कहानियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे जीवन की छोटी-से-छोटी घटनाओं में भी गहरे मानवीय अर्थ खोज लेते हैं। उनके पात्र आम लोग हैं—छोटे कर्मचारी, स्त्रियाँ, बच्चे, किसान और हाशिए के मनुष्य—लेकिन उनकी दुनिया असाधारण संवेदनाओं से भरी हुई है।

इस संग्रह की शीर्षक कहानी "महाविद्यालय" विशेष रूप से चर्चित रही है। इसमें शिक्षा, बाज़ार, मनुष्य और बदलते सामाजिक मूल्यों के बीच के तनाव को अत्यंत कलात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। कहानी मनुष्य और बाज़ार के द्वंद्व को उजागर करती है और हमारे समय की विडंबनाओं पर गहरा प्रश्नचिह्न लगाती है।

संग्रह में शामिल अन्य कहानियाँ भी स्मृति, प्रकृति, प्रेम, स्त्री-अनुभव और सामाजिक यथार्थ के विविध पक्षों को उद्घाटित करती हैं। विनोद कुमार शुक्ल की भाषा काव्यात्मक, प्रतीकात्मक और अत्यंत मौलिक है। वे कम शब्दों में गहरे अर्थ रचते हैं और पाठक को जीवन के अनदेखे पक्षों से परिचित कराते हैं।

साहित्यिक दृष्टि से "महाविद्यालय" समकालीन हिंदी कहानी की एक महत्त्वपूर्ण कृति है। यह संग्रह आशा, स्मृति, मनुष्यता और जीवन की उजास को बचाए रखने का साहित्यिक प्रयास है। हिंदी कहानी के गंभीर पाठकों के लिए यह एक संग्रहणीय पुस्तक है।

Related Products

Raag Virag Aur Anya Kahaniyan By Sharmila Jalan
  • 20% OFF
Boodha Chaand by Sharmila Bohra Jalan
  • 10% OFF
Shadi Se Peshtar by Sharmila Jalan
  • 20% OFF
Atasi Ek Patita Mayer Galpa  Palash Poddar
  • 20% OFF
Tana-Bana By Manju Madhukar
  • 20% OFF
MAMTA KALIYA KALJAYI KAHANIYAN
  • 20% OFF
MRIDULA GARG KALJAYI KAHANIYA
  • 20% OFF
Jannat Aur Anya Kahniyan
  • 20% OFF

Jannat Aur Anya Kahniyan

  • ₹240
  • ₹299
🛒 Your Shopping Cart