PRATHANA SAMAY

(0 Customer Reviews)

₹236

₹295 20% OFF
  • Format: Hard Back
  • Publish Years: 2026
  • Total page: 152
  • Language: HINDI

"प्रार्थना समय" युवा कथाकार प्रदीप जिलवाने का पहला कहानी-संग्रह है, जो उत्तरआधुनिक समय की जटिलताओं के बीच मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक विडंबनाओं और जीवन के छोटे-छोटे संघर्षों को अत्यंत कलात्मकता के साथ प्रस्तुत करता है।

इस संग्रह की कहानियाँ साधारण जीवन के परिचित प्रसंगों से शुरू होकर धीरे-धीरे हमारे समय की गहरी सच्चाइयों को उजागर करती हैं। स्वप्न और यथार्थ, अतीत और वर्तमान, स्मृति और सत्य—ये सभी एक-दूसरे में घुलते-मिलते हुए एक ऐसा कथा-लोक रचते हैं, जहाँ पाठक स्वयं को और अपने समाज को नए दृष्टिकोण से देखने लगता है।

शीर्षक कहानी "प्रार्थना समय" मुलायम रेशमी धागों की तरह आगे बढ़ती है, लेकिन अचानक एक चिंगारी पूरे परिवेश को बदल देने की आशंका पैदा कर देती है। यह कहानी हमारे समय में बढ़ती असहिष्णुता, भय और मनुष्यता के संकट को बेहद मार्मिक ढंग से सामने लाती है। लेखक आर्थिक, सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संस्थाओं के बीच फँसे आम स्त्री-पुरुष के संघर्षों और पीड़ा को संवेदनशील दृष्टि से चित्रित करते हैं।

प्रदीप जिलवाने की भाषा सहज, प्रयोगधर्मी और प्रभावशाली है। उनकी कहानियाँ पाठक को झकझोरती भी हैं और उम्मीद का एक कोमल स्पर्श भी देती हैं। यह संग्रह समकालीन हिन्दी कहानी के गंभीर पाठकों के लिए एक महत्त्वपूर्ण कृति है। 

Related Products

Raag Virag Aur Anya Kahaniyan By Sharmila Jalan
  • 20% OFF
Boodha Chaand by Sharmila Bohra Jalan
  • 10% OFF
Shadi Se Peshtar by Sharmila Jalan
  • 20% OFF
Atasi Ek Patita Mayer Galpa  Palash Poddar
  • 20% OFF
Tana-Bana By Manju Madhukar
  • 20% OFF
MAMTA KALIYA KALJAYI KAHANIYAN
  • 20% OFF
MRIDULA GARG KALJAYI KAHANIYA
  • 20% OFF
Jannat Aur Anya Kahniyan
  • 20% OFF

Jannat Aur Anya Kahniyan

  • ₹240
  • ₹299
🛒 Your Shopping Cart