"आंधारी" साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित लेखिका Namita Gokhale के चर्चित अंग्रेज़ी उपन्यास The Blind Matriarch का हिंदी अनुवाद है, जिसे प्रसिद्ध कथाकार और अनुवादक Prabhat Ranjan ने हिंदी में प्रस्तुत किया है। यह उपन्यास भारतीय संयुक्त परिवार, बदलते सामाजिक मूल्यों, पीढ़ियों के अंतर्द्वंद्व और कोविड-काल की मानवीय त्रासदियों का संवेदनशील आख्यान है।
उपन्यास की केंद्रीय धुरी एक स्वाधीन, प्रकृति-सजग वृद्धा है, जिसके इर्द-गिर्द परिवार, पड़ोस, मित्रता और सामाजिक संबंधों का विस्तृत संसार निर्मित होता है। चार मंज़िला संयुक्त परिवार की संरचना के माध्यम से लेखिका भारतीय समाज की विभिन्न पीढ़ियों, उनके विचारों, संघर्षों और बदलती जीवन-दृष्टियों का चित्रण करती हैं।
"आंधारी" केवल पारिवारिक कथा नहीं है, बल्कि समकालीन भारत के सामाजिक और नैतिक प्रश्नों की भी पड़ताल करती है। इंटरनेट-प्रधान सूचना समाज, राजनीतिक ध्रुवीकरण, परंपरा और आधुनिकता के द्वंद्व, तथा महामारी के दौरान मनुष्य की संवेदनात्मक चुनौतियाँ इस उपन्यास के प्रमुख विषय हैं। लेखिका गहरे मानवीय सरोकारों के साथ यह प्रश्न उठाती हैं कि बदलते समय में सह-अस्तित्व, करुणा और संवाद की संभावनाएँ कहाँ हैं।
नमिता गोखले की कथा-शैली सहज, बहुस्तरीय और चिंतनशील है। वे परिवार की छोटी-छोटी घटनाओं के माध्यम से बड़े सामाजिक प्रश्नों को उद्घाटित करती हैं। प्रभात रंजन का अनुवाद मूल रचना की संवेदनशीलता, प्रवाह और सांस्कृतिक गहराई को हिंदी पाठकों तक प्रभावी ढंग से पहुँचाता है।
साहित्यिक दृष्टि से "आंधारी" समकालीन भारतीय समाज, परिवार और मानवीय संबंधों को समझने वाली एक महत्त्वपूर्ण कृति है। यह उपन्यास पाठक को आत्मचिंतन, संवेदना और सामाजिक यथार्थ के नए आयामों से परिचित कराता है।
Your cart is empty!