KAAKAR KISSA

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  • Format: Paper Back
  • Publish Years: 2026
  • Total page: 247
  • Language: HINDI

"काकड़ किस्सा" समकालीन हिंदी कथाकार प्रदीप जिलवाने का अत्यंत महत्वपूर्ण और चर्चित आंचलिक-सामाजिक उपन्यास है। यह उपन्यास निमाड़ अंचल की मिट्टी, लोकजीवन, स्मृतियों, संघर्षों और बदलते ग्रामीण समाज का जीवंत आख्यान प्रस्तुत करता है। लेखक ने लोकभाषा, लोकविश्वास और ग्रामीण जीवन की बारीकियों को इतनी आत्मीयता से चित्रित किया है कि पाठक स्वयं को उस भूगोल और संस्कृति का हिस्सा महसूस करने लगता है।

निमाड़ी लोकबोली में "काकड़" का अर्थ होता है—गाँव की सरहद या सीमा। इसी अर्थ से उपन्यास का शीर्षक गहरा प्रतीकात्मक बन जाता है। यह केवल गाँव की भौगोलिक सीमा की कहानी नहीं, बल्कि उन अदृश्य सीमाओं की कथा भी है जो मनुष्यों, रिश्तों, जातियों, वर्गों और स्मृतियों के बीच खिंची हुई हैं।

प्रदीप जिलवाने गाँव को किसी रोमानी स्वर्ग की तरह प्रस्तुत नहीं करते। वे उसकी सुंदरता के साथ-साथ उसकी विसंगतियों, अंतर्विरोधों और विघटन को भी दर्ज करते हैं। आधुनिकता, बाज़ारवाद और बदलती सामाजिक संरचनाओं के बीच गाँव की आत्मा किस प्रकार प्रभावित हो रही है, यह उपन्यास का केंद्रीय सरोकार है।

उपन्यास में अनेक पात्रों के माध्यम से ग्रामीण जीवन की बहुरंगी दुनिया उभरती है। यहाँ लोककथाएँ हैं, पीढ़ियों का अनुभव है, खेत-खलिहान हैं, सामुदायिक रिश्ते हैं, और साथ ही विकास के नाम पर टूटते मानवीय संबंधों की पीड़ा भी है। लेखक स्मृति और वर्तमान के बीच एक ऐसा सेतु निर्मित करते हैं जो पाठक को अपने गाँव, अपनी जड़ों और अपने समय पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित करता है।

प्रदीप जिलवाने की भाषा इस कृति की सबसे बड़ी शक्ति है। हिंदी के साथ निमाड़ी लोकबोली का स्वाभाविक प्रयोग कथा को प्रामाणिकता और सांस्कृतिक गहराई प्रदान करता है। उनकी शैली में लोककथात्मक प्रवाह, संवेदनात्मक तीक्ष्णता और सामाजिक यथार्थ का सुंदर संतुलन दिखाई देता है।

साहित्यिक दृष्टि से

"काकड़ किस्सा" समकालीन हिंदी के उल्लेखनीय आंचलिक उपन्यासों में गिना जा सकता है। यह केवल निमाड़ की कहानी नहीं, बल्कि उस पूरे ग्रामीण भारत का दस्तावेज़ है जो परंपरा और आधुनिकता के बीच अपनी पहचान बचाने की जद्दोजहद में लगा हुआ है।

यह उपन्यास उन पाठकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो आंचलिक साहित्य, लोक-संस्कृति, ग्रामीण समाज और मानवीय संबंधों की गहरी पड़ताल करने वाली रचनाओं में रुचि रखते हैं।

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Leslie Alexander
February 10, 2024 at 2:37 pm

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